गन्दी राजनीती अच्छे लोग
मिलता मौका करते भोग
जिन्दगी जंग है खूब लड़ो
लक्ष्य खड़ा तुम दौड़ पडो
झुको मत देखो चोटी पर
रहे निशाना सिर्फ गोटी पर
मचलेगी मौज पार लगाने
थामेंगे जो खड़े थे गिराने
गिरती पगड़ी सबक सिखाए
सच्ची बंदगी नेकी कहलाये
जीवन सार तुम पा जाओगे
नहीं तो अंत काल पछताओगे
विशाल शुक्ल ‘ऊँ’
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