पतंग
पतंग भारतीय समाज में धर्म और संस्कृति का संदेश वाहक रही है। पतंग ने अपनी ऊंची उड़ान से जहां समाज को प्रगति और उन्नति का संदेश दिया है, वहीं कटी पतंग ने भी समाज को मर्यादा व संस्कार की डोर से बंधे रहने की पावन सीख दी है। बदलते परिवेश में भले ही आकाशीय जगत का बिगड़ता पर्यावरण चिंता का विषय बन गया हो पर आकाश चूमती पतंग प्रतिवर्ष अपने सकारात्मक संदेश से समाज का मार्ग प्रशस्त करते कह रही है . . .
“बेशक ! तुम उड़ जाना, आकाश चूमती पतंग की तरह ।
हवा आएगी तुम्हे लहराएगी, लेकिन ! तुम उड़ते जाना
मत छूटना संस्कार की डोर से, उस कटी पतंग की तरह ।”
• विशाल शुक्ल
छिंदवाड़ा मध्यप्रदेश
Powered by Froala Editor

LEAVE A REPLY