वो लड़की जिसको मुझसे कोई मतलब ही नही है
उसकी मुझ पे निगाह रखने की आदत बन गई है
वो जो मुझे ये बताती है कि रास्ते जुदा जुदा है
मेरे हर रास्ते पे आना उसकी फितरत बन गई है
बेकरार मै भी हूँ बहुत....और बेकरार वो भी है
लेकिन इस प्यार को छुपाना किस्मत बन गई है
अपनी अपनी जिद ले के बैठे है हम दोनों...और..
रुस्वाइया हमारी इस जिद की कीमत बन गई है................
Vipul Tripathi
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