पोछ लेना तुम मुझको..गर आँख से छलक आऊँ
शायद दूर् जा के भी......मै फिर तुम तलक़ आऊँ
देखेंगे इस किस्से को.....तेरा दामन में छुपा लेना
मेरी भी ये जिद है की...मौका मिलें...झलक जाऊँ
लहू में जो मिला हूँ.......तो आँख तक भी आऊंगा
बरसूंगा मै देख लेना,..........जब तेरी पलक आऊँ........विपुल
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