मोहब्बत की फितरत है ये इम्तेहान मांगती है
ज़मीन पे ही रहती है पर दोनों जहान मांगती है
वासना जिस्म तो मोहब्बत संग जान मांगती है
कितनी भी पुरानी हो पर रोज़ अहसान मांगती है
हर रोज़ शुक्रिया और दिलबर को तारीफे चाहिये
फेसबुक नही आपकी फेस 2 फेस तशरीफे चाहिये
विपुल त्रिपाठी
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