Swargvibha
Dr. Srimati Tara Singh
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प्रभु राम के

 

प्रभु राम के ------


विनोद कुमार सीताराम दुबे



मेरी नाव चल रही है 

बे आस बे सहारे 

प्रभु राम की कृपा से 

आगे बढ़ रही है 

लहरों से संघर्षर कर 

धीरे-धीरे मंजिल 

तय कर रही है 

प्रभु राम के सहारे 

हर संकट को झेलकर 

किनारे लग रही है 




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