
रात बाक़ी है अभी
बात बाक़ी है अभी
ख़ामोशी में तेरी सनम
फ़रियाद बाक़ी है अभी
तेरी साँसों की गर्मी में
आग बाक़ी है अभी
फुसफुसाती आवाज़ में
जज़्बात बाक़ी है अभी
अलसाई इन आँखों में
ख्व़ाब बाक़ी है अभी
होठों की मुस्कान में
राज़ बाक़ी है अभी
तेरे दिल में थमे
अल्फाज़ बाक़ी हैं अभी
बातों के आगाज़ में
परवाज़ बाक़ी है अभी
शबनमी इस रात में
एहसास बाक़ी है अभी
रात बाक़ी है अभी
बात बाक़ी है अभी
--- तुषार राज रस्तोगी ---
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