"हमारी तरफ आते हर रास्ते जाने कहाँ को चले जाते हैं!!!...सरकारें
पहुँचने की बहुत कोशिश की पर आजतक सरकार के दर्शन नहीं हुये...सुना हैं
हमारे नाम पर सरकार ने खुद के लिए हजारों योजनायें चलायी हैं!!!...
"मै?मैं हिन्दुस्तान का गरीब साहब!!...पहचाना? नहीं ना? अरे पहचानोगे
कैसे? पहले मिलो तो सही!!!..."
-ठाकुर दीपक सिंह कवि
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