कर भरोशा रास्ता दिखा देगा
तेरी मंज़िल को सही दिशा देगा
ग़म भी हैं तो कुछ क्षणों के हैं
पलक झपकते ही मिटा देगा
ग़ुरूर टिकता नहीं ज्यादा दिन
असली औकात तेरी बता देगा
याद रख सारा जहाँ उसका है
तेरी हिस्से की जमीं गिना देगा
"साँझ" की बात पर गौर करले
धूल है अक़्ल पर वो उड़ा देगा
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