गीत - वंदे मातरम
धुन - देशभक्ति गीत - कहरवा ताल
मुखड़ा:
वंदे मातरम, वंदे मातरम, गूंजे कण-कण में यही तराना है।
मातृभूमि के चरणों में, हमने अपना जीवन बिताना है।
अंतरा :1
तेरी मिट्टी में जन्म लिया, तेरी गोद में पला-बढ़ा हूँ।
तेरे आँचल की छाँव तले, तेरे गीतों को गढ़ा हूँ।
केसरिया पगड़ी बाँध चले, हमें देश बचाना है।
वंदे मातरम, वंदे मातरम, गूंजे कण-कण में यही तराना है।
अंतरा: 2
हिमालय से ऊँचा हो हौसला, सागर से गहरा इरादा है।
खेतों में सोना उगता है, यह माँ का ही वादा है।
हर बेटा तेरा सिपाही है, दुश्मन को बतलाना है।
वंदे मातरम, वंदे मातरम, गूंजे कण-कण में यही तराना है।
अंतरा:3
तिरंगा शान हमारी है, इससे आन हमारी है।
इसी की खातिर मिट जाएंगे, यह पहचान हमारी है।
आजाद, भगत, बोस पुकारे, उनका कर्ज चुकाना है।
वंदे मातरम, वंदे मातरम, गूंजे कण-कण में यही तराना है।
अंतरा:4 समापन
जात-पात सब भूल गए, बस एक ही नारा है।
भारत माता की जय बोलो, यही सहारा है।
जब तक साँस है, तब तक हमको, वंदे मातरम गाना है।
वंदे मातरम, वंदे मातरम, गूंजे कण-कण में यही तराना है।
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