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Dr. Srimati Tara Singh
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रुकना नहीं है, चलना है आगे

 
रुकना नहीं है, चलना है आगे,
जीवन की राहों में, बढ़ना है आगे।
हर कदम पर, नई चुनौती है,
हर मोड़ पर, नई कहानी है।

रुकना नहीं है, थकना नहीं है,
जीवन की जद्दोजहद में, हारना नहीं है।
हर गिरावट में, उठना है फिर से,
हर असफलता में, सीखना है फिर से।

रुकना नहीं है, सपनों को पूरा करना है,
जीवन की उड़ान में, ऊंचा उड़ना है।
हर पल में, नई उम्मीद है,
हर दिन में, नई शुरुआत है।

रुकना नहीं है, आगे बढ़ना है,
जीवन की राहों में, जीतना है।
हर चुनौती में, हिम्मत दिखानी है,
हर मुश्किल में, साहस दिखाना है।

रुकना नहीं है, चलना है आगे,
जीवन की राहों में, बढ़ना है आगे।
हर कदम पर, नई मंजिल है,
हर मोड़ पर, नई राह है।।

- सुख मंगल सिंह
वरिष्ठ साहित्यकार कवि एवं लेखक 
 वाराणसी 


Sukhmangal Singh

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