"नागपंचमी "
जहरीले गर्वीले ,
नागों को मनशा !
मानुष दूध पिलाते |
कुमकुम -चन्दन माथे लगाते |खुद !भूखे-नंगे होते ?नाग पंचमी आई मंगल ,बताते |
नाग पंचमी को
काल सर्प दोष
दूर किया जाता।
गजानन की पूजा
पहले पहल ही
किया जाता है।
दूर्वा अर्पित कर
लड्डू का भोग
लगाया जाता है।
और नाग गायत्री
मंत्र सुद्राक्ष की
माला से जाप
किया़ जाता है।
फिर शिव शंकर
का विधिवत रूप
से पूजन किया
मंत्र जाप से
उन्हें याद किया
जाता है।
सावन में यह
पूजन किया जाता
शिव लिंग पर
गाय का दूध
चढ़ाया जाता है।
तादूपरांत शिव
तांडव स्तोत्र
पाठ किया
जाता है।
नाग पंचमी को
नाग की पूजा
करने से माता
लक्ष्मी प्रसन्न
होती हैं।
भक्त के लिए
सुख और समृद्धि
खुश होकर
लक्ष्मी जी घर
भर देती हैं।
- सुख मंगल सिंह
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Sukhmangal Singh
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