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Dr. Srimati Tara Singh
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असली सच्चाई

 

असली सच्चाई

नया पड़ाव आपकी सेवा में अड़ा खड़ा है,

कब तक उनको माया से करोगे जड़ा जड़ा।

इस पंक्ति में कवि कह रहे हैं कि जीवन का नया पड़ाव आपकी सेवा में खड़ा है, लेकिन हम माया के मोह में इतने जड़े हुए हैं कि हमें इसका एहसास नहीं है। कवि हमें माया के मोह से बाहर निकलने और जीवन के नए पड़ाव को स्वीकार करने की प्रेरणा दे रहे हैं।

इस पंक्ति में कवि ने जीवन के नए पड़ाव को एक नए अवसर के रूप में प्रस्तुत किया है, जो हमें अपने जीवन को नए दिशा में ले जाने का मौका देता है। लेकिन साथ ही साथ, कवि ने माया के मोह के बारे में भी बताया है, जो हमें जीवन के सच्चे उद्देश्य से भटका सकता है।

इसलिए, कवि हमें माया के मोह से बाहर निकलने और जीवन के नए पड़ाव को स्वीकार करने की प्रेरणा दे रहे हैं, ताकि हम अपने जीवन को सार्थक और सफल बना सकें।

*शरीर की असली सच्चाई*


नेचुरल शरीर है नहीं, यह तो बस एक धारणा है। हमारा शरीर कई चीजों पर निर्भर करता है, जैसे कि खान-पान, व्यायाम, नींद और तनाव। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि जब हमारा शरीर बीमार पड़ता है, तो हम दवा और दुआ का सहारा लेते हैं।

*दवा और दुआ का महत्व*

दवा और दुआ दोनों ही हमारे शरीर को स्वस्थ रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। दवा हमें बीमारियों से लड़ने में मदद करती है, जबकि दुआ हमें मानसिक रूप से मजबूत बनाती है।

*शरीर की देखभाल*

हमें अपने शरीर की देखभाल करनी चाहिए। हमें स्वस्थ खान-पान करना चाहिए, नियमित व्यायाम करना चाहिए और पर्याप्त नींद लेनी चाहिए। इससे हमारा शरीर स्वस्थ रहेगा और हम बीमारियों से बचे रहेंगे।

*आध्यात्मिकता का महत्व*

आध्यात्मिकता भी हमारे जीवन में बहुत महत्वपूर्ण है। यह हमें मानसिक रूप से मजबूत बनाती है और हमें जीवन के उद्देश्यों को समझने में मदद करती है। दुआ और पूजा हमें आध्यात्मिक रूप से मजबूत बनाती है और हमें जीवन की चुनौतियों का सामना करने में मदद करती है।

*निष्कर्ष*

हमें अपने शरीर की देखभाल करनी चाहिए और स्वस्थ जीवनशैली अपनानी चाहिए। दवा और दुआ दोनों ही हमारे शरीर को स्वस्थ रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। हमें आध्यात्मिकता का महत्व समझना चाहिए और अपने जीवन में इसका पालन करना चाहिए।।

- सुख मंगल सिंह
 वरिष्ठ साहित्यकार कवि एवं लेखक 

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