*विहग अर्थ पक्षी / बाण*
विहग, आकाश में उड़ने वाला पक्षी,
बाण, जो लक्ष्य को करता है भेद।
दोनों ही अपने लक्ष्य को पाने के लिए,
अनवरत आगे बढ़ते हैं, बिना रुके।
विहग, जो आकाश की ऊंचाइयों को छूता है,
बाण, जो लक्ष्य को करता है नष्ट।
दोनों ही अपने उद्देश्य को पूरा करने के लिए,
अपनी पूरी शक्ति लगाते हैं, बिना थके।
विहग, जो अपने पंखों से उड़ता है,
बाण, जो अपने तेज से लक्ष्य को भेदता है।
दोनों ही अपने लक्ष्य को पाने के लिए,
अपनी पूरी कोशिश करते हैं, बिना हारे।
विहग उड़ता आकाश में,
स्वतंत्रता का गीत गाता है।
अपने पंखों से वह,
आकाश को छूता है।
विहग की उड़ान में,
नहीं कोई बंधन।
वह उड़ता है जहां चाहता है,
स्वतंत्र और निर्भय।
*सार*
विहग और बाण दोनों ही अपने लक्ष्य को पाने के लिए अनवरत प्रयास करते हैं। वे अपनी पूरी शक्ति और कोशिश लगाते हैं और अपने उद्देश्य को पूरा करने के लिए आगे बढ़ते हैं।
- सुख मंगल सिंह
वरिष्ठ साहित्यकार कवि एवं लेखक
वाराणसी वासी
अवध निवासी
Sukhmangal Singh
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