उत्तर प्रदेश स्थापना दिवस पर एक सुंदर

गीत के रूप में प्रस्तुत है:
गीत के रूप में प्रस्तुत है:
उत्तर प्रदेश समेटता खुद को इतिहास के पन्नों में
पिढ़ियों की संस्कार संस्कृति से
अपना एक अस्तित्व दिखाया
उत्तर प्रदेश ने भारत को गौरव दिलाया
हिमाचल के हिम शिखर उत्तर में
रेतिले पहाड़ दक्षिण में सजे
पश्चिम में भारत की राजधानी
पूर्व में घने जंगलों में पुष्प पशु मिले
पवित्र त्रिवेणी में संगम गंगा जमुना का
स्वर गूंजते लोक गीतों के त्योहारों में
शीत लहर और ताप का अनोखा संगम
उत्तर प्रदेश संजोए विविधता हर पार्श्व में
लखनऊ जिसकी राजधानी
प्रयागराज न्याय का स्थान है
योग व कर्मयोग से बना
हर क्षण उन्नत उत्तर प्रदेश को प्रणाम है ।।
- सुख मंगल सिंह
वरिष्ठ साहित्यकार कवि एवं लेखक
वाराणसी वासी
अवध निवासी अंबेडकर नगर उत्तर प्रदेश
Sukhmangal Singh

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