श्री कृष्ण की बाल लीला के कुछ प्रसिद्ध गीत यहाँ हैं:
- *मैया मोरी मैं नहिं माखन खायो*: यह गीत भगवान श्री कृष्ण की बाल लीला को दर्शाता है, जहां वे माता यशोदा से कहते हैं कि उन्होंने माखन नहीं खाया है।
- *चोरी चोरी खाए गयो रे*: यह गीत भगवान श्री कृष्ण की माखन चोरी की लीला को दर्शाता है।
- *लड्डू गोपाल मेरा*: यह गीत भगवान श्री कृष्ण के बाल रूप को दर्शाता है।
- *कान्हा रे थोडा सा प्यार दे*: यह गीत भगवान श्री कृष्ण से प्यार और स्नेह की प्रार्थना है।
- *तेरो लाल यशोदा छल गयो री*: यह गीत भगवान श्री कृष्ण की माता यशोदा के प्रति प्रेम को दर्शाता है।
- *राधिका गोरी से बिरज की छोरी से*: यह गीत भगवान श्री कृष्ण और राधा के प्रेम को दर्शाता है।
- *बंसी बाजेगी राधा नाचेगी*: यह गीत भगवान श्री कृष्ण की बंसी की धुन पर राधा के नृत्य को दर्शाता है।
- *कान्हा सो जा ज़रा*: यह गीत भगवान श्री कृष्ण को सुलाने के लिए गाया जाता है।
- *राधे ब्रज जन मन सुखकारी*: यह गीत भगवान श्री कृष्ण और राधा के प्रेम को दर्शाता है।
- *हे मुरलीधर छलिया मोहन*: यह गीत भगवान श्री कृष्ण की मुरली की धुन को दर्शाता है ।
# मैया मोरी मैं नहीं माखन खायो
बालक नंद आयो
मैया मोरी मैं नहीं माखन खायो
बांधे लोरी है गायो
मैया मोरी मैं नहीं माखन खायो
बालक नंद आयो
मैया मोरी मैं नहीं माखन खायो
कहो कते दिन भये
मैया मोरी मैं नहीं माखन खायो
बालक नंद आयो
मैया मोरी मैं नहीं माखन खायो
देखो दही में हाथ
मैया मोरी मैं नहीं माखन खायो
बालक नंद आयो
मैया मोरी मैं नहीं माखन खायो
मैया मोरी मैं नहीं माखन खायो
बालक नंद आयो
मैया मोरी मैं नहीं माखन खायो -।
# चोरी चोरी खाए गयो रे
माखन मोहन खाए गयो रे
चोरी चोरी खाए गयो रे
मैया मोरी मैं नहीं माखन खायो
बालक नंद आयो
चोरी चोरी खाए गयो रे
दही में हाथ लगाए गयो रे
मोहन माखन खाए गयो रे
चोरी चोरी खाए गयो रे
मैया मोरी मैं नहीं माखन खायो
बालक नंद आयो
चोरी चोरी खाए गयो रे
कहो कते दिन भये
मैया मोरी मैं नहीं माखन खायो
चोरी चोरी खाए गयो रे
मोहन माखन खाए गयो रे
चोरी चोरी खाए गयो रे -।
# लड्डू गोपाल मेरा, लड्डू गोपाल मेरा
मेरा प्यारा बालक, लड्डू गोपाल मेरा
नटखट है स्याम, मेरा लड्डू गोपाल
माखन चोर है, मेरा लड्डू गोपाल
लड्डू गोपाल मेरा, लड्डू गोपाल मेरा
मेरा प्यारा बालक, लड्डू गोपाल मेरा
गोकुल में खेलें, वृंदावन में गाएं
मेरा लड्डू गोपाल, सबको हंसाएं
लड्डू गोपाल मेरा, लड्डू गोपाल मेरा
मेरा प्यारा बालक, लड्डू गोपाल मेरा
माता यशोदा के, आंखों का तारा
मेरा लड्डू गोपाल, सबका प्यारा
लड्डू गोपाल मेरा, लड्डू गोपाल मेरा
मेरा प्यारा बालक, लड्डू गोपाल मेरा ।
# कान्हा रे थोड़ा सा प्यार दे
मुझे तेरा, इतना सा प्यार दे
तू है मेरा दिल का सहारा
मुझे तेरा प्यार चाहिए !
कान्हा रे थोड़ा सा प्यार दे
मुझे तेरा, इतना सा प्यार दे
तेरी बंसी की धुन सुनाऊं
तेरे प्यार में नाचूं गाउं!
कान्हा रे थोड़ा सा प्यार दे
मुझे तेरा, इतना सा प्यार दे
तेरे चरणों में बैठूं
तेरा प्यार पाऊं !
कान्हा रे थोड़ा सा प्यार दे
मुझे तेरा ,इतना सा प्यार दे
तू है मेरा जीवन का आधार
मुझे तेरा प्यार चाहिए !
कान्हा रे थोड़ा सा प्यार दे
मुझे तेरा इतना सा प्यार दे !
# तेरा लाल यशोदा छल गयो री
माखन चोर यशोदा छल गयो री !
तेरा लाल यशोदा छल गयो री
माखन चोर यशोदा छल गयो री !
दही में हाथ लगाए गयो री
मोहन माखन खाए गयो री
तेरा लाल यशोदा छल गयो री
माखन चोर यशोदा छल गयो री।
बांधे लोरी है गाए गयो री
मोहन माखन चुराए गयो री
तेरा लाल यशोदा छल गयो री
माखन चोर यशोदा छल गयो री ।
कहो कते दिन भये
मोहन माखन खाए गयो री
तेरा लाल यशोदा छल गयो री
माखन चोर यशोदा छल गयो री ।
# राधिका गोरी से बिरज की छोरी से
गोरी से बिरज की छोरी से
किस विधि मिलोगे श्याम प्यारे
राधिका गोरी से बिरज की छोरी से ।
तुम्हारी बंसी की धुन सुन के
मैं तो नाचूं रे -
तुम्हारी आंखों की चमक देख के
मैं तो हंसूं रे -
राधिका गोरी से बिरज की छोरी से
गोरी से बिरज की छोरी से
किस विधि मिलोगे श्याम प्यारे
राधिका गोरी से बिरज की छोरी से ।
तुम्हारे प्यार की मीठी बोली
मेरे दिल को छू गई !
तुम्हारी याद में मैं तो रोऊं रे
मेरे श्याम प्यारे - !
राधिका गोरी से बिरज की छोरी से
गोरी से बिरज की छोरी से
किस विधि मिलोगे श्याम प्यारे
राधिका गोरी से बिरज की छोरी से ।
# बंसी बाजेगी राधा नाचेगी
श्याम प्यारे की धुन सुनके
बंसी बाजेगी राधा नाचेगी।
राधा की गोरी गोरी बाजू में
श्याम प्यारे का हाथ होगा
बंसी की धुन पर राधा नाचेगी
श्याम प्यारे का साथ होगा।
बंसी बाजेगी राधा नाचेगी
श्याम प्यारे की धुन सुनके
बंसी बाजेगी राधा नाचेगी ।
गोकुल की गलियों में राधा नाचेगी
श्याम प्यारे के साथ होगा
बंसी की धुन पर राधा नाचेगी
श्याम प्यारे के प्यार में होगी ।
बंसी बाजेगी राधा नाचेगी
श्याम प्यारे की धुन सुनके
बंसी बाजेगी राधा नाचेगी ।
राधा की आंखों में, श्याम प्यारे का प्यार होगा
बंसी की धुन पर राधा नाचेगी
श्याम प्यारे के साथ होगा ।
बंसी बाजेगी राधा नाचेगी
श्याम प्यारे की धुन सुनके
बंसी बाजेगी राधा नाचेगी !
# कान्हा सो जा जरा, आंखें बंद कर ले
तेरी माता यशोदा, का गाना सुन ले
कान्हा सो जा जरा, आंखें बंद कर ले
तेरी माता यशोदा का गाना सुन ले !
तू है मेरा लाल, तू है मेरा प्यार
तू है मेरा जीवन, तू है मेरा आधार
कान्हा सो जा जरा, आंखें बंद कर ले
तेरी माता यशोदा का गाना सुन ले !
तू है गोकुल का राजा, तू है वृंदावन का प्यारा
तू है मेरा श्याम, तू है मेरा सहारा
कान्हा सो जा जरा, आंखें बंद कर ले
तेरी माता यशोदा का गाना सुन ले ।
तू है मेरा दिल का टुकड़ा, तू है मेरा प्राण
तू है मेरा सब कुछ, तू है मेरा ज्ञान
कान्हा सो जा जरा, आंखें बंद कर ले
तेरी माता यशोदा का गाना सुन ले ।
# राधे ब्रज जन मन सुखकारी, श्याम प्यारे बांसुरीधारी
राधे ब्रज जन मन सुखकारी, श्याम प्यारे बांसुरीधारी
गोकुल की गलियों में, वृंदावन की बगिया में
तेरी बांसुरी की धुन सुनके, राधा नाचे प्यारी
राधे ब्रज जन मन सुखकारी, श्याम प्यारे बांसुरीधारी!
तेरे प्यार में राधा, तेरे प्यार में री
तेरे चरणों में अपना सब कुछ वार दे
राधे ब्रज जन मन सुखकारी, श्याम प्यारे बांसुरीधारी!
श्याम सुंदर मोहन, राधा का प्यार
तेरी बांसुरी की धुन में, राधा का आधार
राधे ब्रज जन मन सुखकारी, श्याम प्यारे बांसुरीधारी!
तेरे साथ में राधा, तेरे साथ में री
तेरे प्यार में राधा, तेरे प्यार में री
राधे ब्रज जन मन सुखकारी, श्याम प्यारे बांसुरीधारी ।
# हे मुरलीधर छलिया मोहन, तू है मेरा प्यार
हे मुरलीधर छलिया मोहन, तू है मेरा आधार
तू है गोकुल का राजा, तू है वृंदावन का प्यारा
तू है मेरा श्याम, तू है मेरा सहारा
हे मुरलीधर छलिया मोहन, तू है मेरा प्यार
तेरी बांसुरी की धुन सुनके, राधा नाचे प्यारी
तेरे प्यार में राधा, तेरे प्यार में री
तेरे चरणों में अपना सब कुछ वार दे
हे मुरलीधर छलिया मोहन, तू है मेरा प्यार
तू है मेरा दिल का टुकड़ा, तू है मेरा प्राण
तू है मेरा सब कुछ, तू है मेरा ज्ञान
तेरी आंखों की चमक देखके, मैं तो हंसूं रे
हे मुरलीधर छलिया मोहन, तू है मेरा प्यार
तू है मेरा जीवन, तू है मेरा आधार
तू है मेरा प्यार, तू है मेरा सहारा
तेरी बांसुरी की धुन में, मैं तो नाचूं रे
हे मुरलीधर छलिया मोहन, तू है मेरा प्यार
तेरे साथ में राधा, तेरे साथ में री
तेरे प्यार में राधा, तेरे प्यार में री
तेरे चरणों में अपना सब कुछ वार दे
हे मुरलीधर छलिया मोहन, तू है मेरा प्यार
हे मुरलीधर छलिया मोहन, तू है मेरा प्यार
हे मुरलीधर छलिया मोहन, तू है मेरा आधार
तू है गोकुल का राजा, तू है वृंदावन का प्यारा
तू है मेरा श्याम, तू है मेरा सहारा
हे मुरलीधर छलिया मोहन, तू है मेरा प्यार
तेरी बांसुरी की धुन सुनके, राधा नाचे प्यारी
तेरे प्यार में राधा, तेरे प्यार में री
तेरे चरणों में अपना सब कुछ वार दे
हे मुरलीधर छलिया मोहन, तू है मेरा प्यार
तू है मेरा दिल का टुकड़ा, तू है मेरा प्राण
तू है मेरा सब कुछ, तू है मेरा ज्ञान
तेरी आंखों की चमक देखके, मैं तो हंसूं रे
हे मुरलीधर छलिया मोहन, तू है मेरा प्यार
तू है मेरा जीवन, तू है मेरा आधार
तू है मेरा प्यार, तू है मेरा सहारा
तेरी बांसुरी की धुन में, मैं तो नाचूं रे
हे मुरलीधर छलिया मोहन, तू है मेरा प्यार
तेरे साथ में राधा, तेरे साथ में री
तेरे प्यार में राधा, तेरे प्यार में री
तेरे चरणों में अपना सब कुछ वार दे
हे मुरलीधर छलिया मोहन, तू है मेरा प्यार
तू है मेरा मोहन, तू है मेरा प्यारा
तू है मेरा जीवन, तू है मेरा आधार
तेरी बांसुरी की धुन सुनके, मैं तो हंसूं रे
हे मुरलीधर छलिया मोहन, तू है मेरा प्यार
तू है मेरा श्याम, तू है मेरा प्राण
तू है मेरा सब कुछ, तू है मेरा ज्ञान
तेरी आंखों की चमक देखके, मैं तो नाचूं रे
हे मुरलीधर छलिया मोहन, तू है मेरा प्यार ।।
कृष्ण बाल लीला के गीतों में भगवान कृष्ण के बचपन की लीलाओं का वर्णन होता है। इन गीतों में कृष्ण के बाल रूप की मधुरता, उनकी नटखटता, और उनके प्रति माता यशोदा और गोपियों के प्रेम का चित्रण होता है।
इन गीतों में कृष्ण के कुछ प्रसिद्ध लीलाओं का वर्णन होता है, जैसे कि:
- माखन चोरी: कृष्ण का माखन चुराना और माता यशोदा को चकमा देना।
- गोकुल की गलियों में खेलना: कृष्ण का अपने दोस्तों के साथ गोकुल की गलियों में खेलना।
- बांसुरी बजाना: कृष्ण का बांसुरी बजाना और गोपियों को आकर्षित करना।
- राधा के साथ प्रेम: कृष्ण और राधा के प्रेम का वर्णन।
इन गीतों में कृष्ण के बाल रूप की मधुरता और उनके प्रति प्रेम का वर्णन होता है, जो श्रोताओं को आनंद और भक्ति से भर देता है।
कृष्ण बाल लीला के कुछ प्रसिद्ध गीत हैं:
- "मैया मोरी मैं नहीं माखन खायो"
- "कान्हा सो जा जरा"
- "राधिका गोरी से बिरज की छोरी से"
- "बंसी बाजेगी राधा नाचेगी"
- "हे मुरलीधर छलिया मोहन"
इन गीतों को सुनने से कृष्ण के बाल रूप की मधुरता और उनके प्रति प्रेम का अनुभव होता है।।
- सुख मंगल सिंह,
वरिष्ठ साहित्यकार कवि एवं लेखक
वाराणसी वासी,
अवध निवासी
Sukhmangal Singh
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