Swargvibha
Dr. Srimati Tara Singh
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रचनाकार में सुख मंगल सिंह की प्रकाशित रचनाएं

 

रचनाकार में सुख मंगल सिंह की प्रकाशित रचनाएं

*सरस्वती बंदना 
* कल्प ' काशी का चातुर्मास ' 
*आराधना 
* कल्प
* पुकार 
* राखो चुनरिया संवारी 
* वक्त 
* कल तक रहे जो देव 
* बाबा हमहूं काशी आयो 
* अनोखी काशी 
* भाषा 
* हृदय सुधा 
* कर्म बंधन 
* हुंकार भरो हिंदी 
* जागो नारी 
* किरानावली मचल ने लगी 
* सठियाय गया भारत 
* श्री कृष्ण 
* वोटर 
* पंडित सुधाकर 
* जीने दो 
* वृज वीथिन हो री 
* बजरंग 
* जौरी होरी 
* सद्भावना 
* हमरी दईया  निष्ठुर भ इला हो बनवारी
*  अंधकार 
* रात 
* दिलवर 
* शहर में अंधेरा 
* बरसात करा के  न जा 
* कुंडली मारी बैठे? 
* हिंदू मुस्लिम बांट बांट 
* कवि 
* बहनों की पुकार 
* मांथे  दर दौरी भरकर के 
* मौसमी मन 
* अफसर सा - आराम करेंगे 
* चना 
* कुनै न की गोली 
* जब पुष्प  खिल जाएंगे 
*  वर्णन ! मंगल आओ 
* मां गौरव गाएंगी 
* क्षणिकाएं 
* आग 
* यक्षमा निवारण 
* कभी नहीं 
* चौथ का चांद 
* आंसू पोंछ तू  अपनी हिंदी 
*  सुसुआती गायें 
* बारुद 
* मीत 
* बिलखत - बिहान 
* ओ! मुसाफिर 
* मुल्क 
* कविता 
* जागो नारी 
* हृदय सुधा 
* गंगा 
* इंसान बनकर देख 
* देवी कब देबू दर्शनवाँ 
* समर्पण 
* प्रेयसी 
* सितारे सारे रूठे 
* कुछ कर दिखा दे 
* रीढ मानें 
* कहने तो दो 
* राधा - रानी 
* मां तारक 
* उठो जागो 
* जतन कर रहा हूं 
* माला मां अंबे की 
* राम का अयोध्या में प्रवेश 
* नया भोर 
* बालाएं गाएंगी 
* रंग जमा दे 
* भूलो बीती बात 
* शंख बजे 
* श्री पति आवत 
* गा ओ गान 
* जेठ 
* देख लिया 
* कल्पनाएं 
* अमृत छोड़ मयखाने जाते 
* भूचाल 
 ऊपर लिखी गई सभी रचनाएं रचनाकार में मध्य प्रदेश से प्रकाशित हुई हैं।
- सुख मंगल सिंह,
 वरिष्ठ साहित्यकार कवि एवं लेखक वाराणसी 




Sukhmangal Singh

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