पीले पीले फूल खिले हैं घर के चारों ओर,
हम सब मिलजुल कर नाचे जैसे मोर।
प्रकृति का रंगोत्सव है आज,
हर तरफ खुशियों का है साज।
वसंत का मौसम है आया,
फूलों की खुशबू से वातावरण है छाया।
पेड़ों पर नए पत्ते आए हैं,
जैसे प्रकृति ने रंगों से है ताज पहनाया है।
बच्चे खेल रहे हैं खुशी से,
गाए जा रहे हैं गीत मधुर से।
हवा में है एक अलग सी खुशबू,
जैसे प्रकृति ने दिया है हमें एक नया जीवन ।
रंगों का त्योहार है आया,
सबको खुशियों का संदेश लाया।
प्रकृति का रंगोत्सव है आज,
हर तरफ खुशियों का है साज।।
- सुख मंगल सिंह
वरिष्ठ साहित्यकार कवि एवं लेखक
वाराणसी
Sukhmangal Singh
Powered by Froala Editor

LEAVE A REPLY