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Dr. Srimati Tara Singh
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मई दिवस

 
मई दिवस
 प्रेस स्वतंत्रता दिवस 1 में 2026 को नीलम संजीवा रेड्डी राष्ट्रपति द्वारा सम्मानित माननीय तिलक राज कपूर जी के आवास पर कैंट वाराणसी में,कुमार हेमंत जी का जन्मदिन मनाते हुए काशी हिंदी विद्यापीठ के कुलपति कभी और लेखक सुखमंगल सिंह गोपाल जी चिंतित बनारसी चटर्जी की राजेश आजाद सहित दर्जनों साहित्यकारों और महिला कवित्रियों द्वारा सम्मानित किया गया। 
सुखमंगल सिंह  ने इस अवसर पर कहां की कहा कि सन 1994 में जब काशी विश्वनाथ मंदिर खिचड़ी हुआ बाबा जी के सामने से गंगा जी में से जल लेकर विश्वनाथ मंदिर और इसके बाद पूरे कश्मीर तक पीतल की लोटिया गंगाजल और रुद्राक्ष की माला लेकर जब मैं निकला था तो मेरे साथ दर्जनों लोग कश्मीर सद्भावना यात्रा पर जाने के लिए तैयार थे परंतु सभी लोग रास्ते में ही साथ छोड़ दिए परंतु कुमार हेमंत जी जो पहले से तय नहीं था कि वह भी जाएंगे उनसे एक बार सुख मंगल सिंह ने कहा तो वह तैयार हो गए और यहां से कश्मीर तक की यात्रा तय किया। लोटिया रुद्राक्ष की माला और गंगाजल लखनऊ में तात्कालिक जिलाधिकारी खरे साहब को, राज्यपाल को, दिल्ली में विपक्ष के नेता माननीय पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेई जी के आवास पर भी दिया गया। उसके बाद राष्ट्रपति जी को काशी की तांबे की लोटा गंगाजल और रुद्राक्ष की माला भेंट की गई। अन्य सम्मानित लोगों को भी रुद्राक्ष की माला लोटिया और गंगाजल प्रदान किया गया। 
एक बार की बात है कि चेतगंज में एक राष्ट्रीय कमलेश काव्य सम्मेलन हो रहा था जिसके आयोजक मंडल में अजीज श्रीवास्तव चपा चप बनारसी थे लेकिन उन्होंने सुखमंगल सिंह को मंच पर न लाने के लिए कहा जबकि कुमार हेमंत को भोले की आप मंच पर आ सकते हैं इस पर कुमार हेमंत जीने कहा कि जब सुखमंगल सिंह मंच पर नहीं जाएंगे तो मैं भी नहीं जाऊंगा यह उनके दृढ़ प्रतिज्ञा व्यवहार कुशलता को प्रदर्शित करता है। 
कश्मीर यात्रा बहुत ही अच्छी रही जब इस यात्रा का विवरण विकिपीडिया पर डाला गया तो हिंदी विकिपीडिया ने लिखा कि आप दोनों लोग विश्व के चौथे शांति दूत हैं। 
यूं तो कुमार हेमंत को काशी के लोग साहित्य दूत के नाम से ही जानते हैं।
आगे सुखमंगल सिंह ने कहा कि आज मजदूर दिवस है और प्रेस स्वतंत्रता दिवस है। कुछ लोगों ने अपने वक्तव्य में यह कहा कि मजदूरों को उनका हक नहीं मिलता मजदूर जैसे के तैसे ही रह गए हैं सुखमंगल सिंह ने बताया कि आज पूरे विश्व में भारत के करोड़ों लोग अलग-अलग देश में जाकर मजदूरी करते हैं चाहे वह कर्मचारी के रूप में हूं अथवा अधिकारी के रूप में हूं सांसद या विधायक हो चाहे जिस रूप में है वह सभी मजदूर हैं।
वे सभी लोग दुनिया में भारत का नाम ऊंचा कर रहे हैं और वहां से अपने कमाई का कुछ अंश भारत में अपने परिवार को भी दे रहे हैं।
ब्रिटेन जो भारत पर राज्य किया था लगभग 200 वर्षों तक वहीं पर भारतीय प्रवासी देश का नेतृत्व कर रहा था। चाहे मॉरिशस हो, त्रिनिदाद टोबैको अनेक देशों में भारत के लोग भारत के तिरंगे को ऊंचा करने का काम कर रहे हैं और देश का नाम रोशन कररहे हैं। शुभ मंगल सिंह ने अपनी रचना मे सुनाया कि तू सुंदर तेरा दिल सुंदर, तेरा मन सुंदर हो जाए, तो तू कुछ कर जाए। 
प्रेम मोहब्बत की अविरल धारा बरसाए, तू बरसाए, तो तू कुछ कर जाए।
कुमार हेमंत को लोग अंग वस्त्र , घड़ी भेट किया तथा मिठाई खीलाकर सभी हर हर महादेव का नारा लगाकर खुशियां बाटी और उनका जन्मदिन मनाया। 
तिलक राज कपूर जी ने कहा कि कुमार हेमंत उसे पिता के पुत्र हैं जो कई वर्षों तक गंगाजल बनारस के लोगों को ले जाकर प्रसाद के रूप में दिया करते थे जो बहुत बड़े सड़क थे। बहुत ही ज्ञानी थे। कुमार हेमंत पत्रकारिता के क्षेत्र में भी बहुत अच्छा कार्य किया है। साथ ही उन्होंने साहित्य सेवा समाज सेवा का कार्य भी उतनी ही मेहनत के साथ किया। 
राजेश आजाद जो मंच का संचालन कर रहे थे उन्होंने कहा की हेमंत जी हमें साहित्य के क्षेत्र में लाने वाले हैं। लगभग 30 वर्षों से हमारा हेमंत जी का साथ है। 
अंत में कुमार हेमंत ने अपनी एक 5 ,6 पेज की रचना पढ़कर लोगों के मन को मोह लिया । उन्होंने कहा कई तरह के फूल खिले हैं मेरे आंगन में, लेना हो तो आ जाना तू मेरे आंगन में। 
नागफनी और जुहू भी है मेरे आंगन में, चंपा और चमेली भी है मेरे आंगन में, लेना हो तो आ जाना तू मेरे आंगन में। 
- सुख मंगल सिंह 
वरिष्ठ साहित्यकार कवि एवं लेखक वाराणसी 


Sukhmangal Singh

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