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जीवन की राहें बनती हैं

 

जीवन की राहें बनती हैं


आते-जाते कहते-सुनते, जीवन की राहें बनती हैं

दिल की बातें कहने से, रिश्ते बनते हैं।

आते-जाते कहते-सुनते, दिल की बातें समझते हैं
एक दूसरे को समझने से, प्यार बढ़ता है।

आते-जाते कहते-सुनते, जीवन की कहानी बनती है
दिल की बातें कहने से, जीवन सुहाना बनता है।

आते-जाते कहते-सुनते, रिश्ते मजबूत होते हैं
एक दूसरे को समझने से, प्यार गहरा होता है।

आते-जाते कहते-सुनते, दिल की बातें खुलती हैं
एक दूसरे को समझने से, प्यार की राहें खुलती हैं।

आते-जाते कहते-सुनते, जीवन की राहें बनती हैं
दिल की बातें कहने से, रिश्ते बनते हैं।

आते-जाते कहते-सुनते, प्यार की भाषा समझते हैं
एक दूसरे को समझने से, दिल की बातें समझते हैं।

आते-जाते कहते-सुनते, जीवन की मंजिल मिलती है
दिल की बातें कहने से, प्यार की मंजिल मिलती है।।

- सुख मंगल सिंह, 
वरिष्ठ साहित्यकार कवि एवं लेखक 
वाराणसी वासी,
अवध निवासी 


Sukhmangal Singh

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