Swargvibha
Dr. Srimati Tara Singh
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जीवन भूल भुलैया

 
जीवन  भूल भुलैया

यह जीवन है भूल भुलैया,
कई मोड़ हैं, कई रास्ते।
हर कदम पर चुनौतियाँ हैं,
हर मोड़ पर अनिश्चितता है।

यह जीवन है एक सफर,
कई उतार-चढ़ाव हैं।
हर दिन नया है, हर रात नई,
हर पल में एक नया अनुभव है।

यह जीवन है एक खेल,
कई जीत हैं, कई हारें।
हर जीत एक सीख है,
हर हार एक अनुभव है।

यह जीवन है एक सपना,
कई रंग हैं, कई रूप।
हर सपना एक लक्ष्य है,
हर लक्ष्य एक उद्देश्य है।

यह जीवन है एक यात्रा,
कई पड़ाव हैं, कई मंजिलें।
हर पड़ाव एक अनुभव है,
हर मंजिल एक उपलब्धि है।

यह जीवन है एक नदी,
कई मोड़ हैं, कई धाराएं।
हर मोड़ पर एक नया दृश्य,
हर धारा में एक नया गीत।

यह जीवन है एक पेड़,
कई शाखाएं, कई पत्ते।
हर शाखा एक सपना है,
हर पत्ता एक अनुभव है।

यह जीवन है एक रंग,
कई रंग हैं, कई छायाएं।
हर रंग एक भावना है,
हर छाया एक अनुभव है।

यह जीवन है एक संगीत,
कई स्वर हैं, कई ताल।
हर स्वर एक भावना है,
हर ताल एक अनुभव है।

यह जीवन है एक कविता,
कई शब्द हैं, कई भाव।
हर शब्द एक अर्थ है,
हर भाव एक अनुभव है।।

- सुख मंगल सिंह
वरिष्ठ साहित्यकार कवि एवं लेखक 
वाराणसी 


Sukhmangal Singh

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