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जीने की चाहत

 
जीने की चाहत
जी लो हर पल, खुशियों से भर लो जी
जीवन की राह में, हर कदम पर जी
जीने की चाहत, हर दिल में है जी
जीवन की माया, सबको बांधे जी
जीवन की राह में, हर मोड़ पर जी
जी लो हर पल, यही जीवन है जी।

जी लो हर पल, खुशियों से भर लो जी
जीवन की राह में, हर कदम पर जी
जीने की चाहत, हर दिल में है जी
जीवन की माया, सबको बांधे जी
जीवन की राह में, हर मोड़ पर जी
जी लो हर पल, यही जीवन है जी।

जी भर के देखो, इस दुनिया को जी
जीवन की सुंदरता, हर पल है जी
जीने की उमंग, हर दिल में है जी
जीवन की राह में, हर कदम पर जी
जी लो हर पल, खुशियों से भर लो जी
जीवन की माया, सबको बांधे जी।।

- सुख मंगल सिंह
वरिष्ठ साहित्यकार कवि एवं लेखक 
वाराणसी वासी
 अवध निवासी अंबेडकर नगर उत्तर प्रदेश 
Sukhmangal Singh

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