फागुनी बयार, मस्ती की बहार,


काव्य साहित्य सेवा समर्पण मंच दिल्ली ने सुख मंगल सिंह को:
फूलों की खुशबू, दिल को करे तैयार।
मौसम की मस्ती, रंगों की बरसात,
फागुनी बयार, लाए खुशियों की सौगात।
आम की मंजरियां, महकती हैं फिजाएं,
कोयल की कुहू, दिल को लुभाती है।
फागुनी बयार, मस्ती की फुहार,
दिलों को छू जाती, प्यार की बौछार।
फूलों की घाटी, रंगों की दुनिया,
फागुनी बयार, लाए खुशियों की दुनिया।
मौसम की मस्ती, दिलों को करे तैयार,
फागुनी बयार, लाए प्यार की बहार।
फागुनी बयार, मस्ती की रात,
चाँदनी की चमक, दिलों को करे मात।
फूलों की खुशबू, दिल को लुभाती है,
फागुनी बयार, प्यार की कहानी सुनाती है।
फागुनी बयार, मस्ती की सुबह,
सूरज की किरणें, दिलों को करे रोशन।
फूलों की दुनिया, रंगों की बहार,
फागुनी बयार, लाए खुशियों की फुहार।
फागुनी बयार, मस्ती की शाम,
दिलों को छू जाती, प्यार की तमाम।
फूलों की खुशबू, दिल को लुभाती है,
फागुनी बयार, प्यार की कहानी सुनाती है।
काव्य साहित्य सेवा समर्पण मंच दिल्ली ने सुख मंगल सिंह को:
"साहित्य सम्मान पत्र" देकर सम्मानित किया !
और काव्य मेघदूत ने" गुलाबी शब्द लेखन" रचना में सम्मान पत्र दिया।
- सुख मंगल सिंह
वरिष्ठ साहित्यकार कवि एवं लेखक
वाराणसी
Sukhmangal Singh
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