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Dr. Srimati Tara Singh
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"डॉ. तारा सिंह : हिंदी साहित्य की बहुआयामी सशक्त हस्ताक्षर"

 
"डॉ. तारा सिंह : हिंदी साहित्य की बहुआयामी सशक्त हस्ताक्षर"
समीक्षा: - swargvibha के परिचय पत्रक के आधार पर!

1:साहित्यिक व्यक्तित्व: "संपूर्ण साहित्यकार"
डॉ. तारा सिंह केवल कवयित्री नहीं हैं। वे काव्य, ग़ज़ल, कहानी, उपन्यास, निबंध, आलेख और बाल साहित्य तक में सिद्धहस्त हैं। 10 अक्टूबर 1952 को जन्मी डॉ. तारा ने आजादी के बाद भारत की दो जीवन-दृष्टियों - "भारत की आध्यात्मिक जीवन-दृष्टि और पश्चिम की भौतिकवादी जीवन दृष्टि" के संघर्ष को अपनी रचनाओं में जगह दी।

उनकी लेखनी की सबसे बड़ी ताकत है - 
"मानव मन के सूक्ष्म से सूक्ष्म और भावनात्मक चित्रण"। उनकी 14 कहानी-संग्रहों में प्रेम, घृणा, वात्सल्य, वीरता, नारी पर अत्याचार, सामाजिक समस्याएँ - सभी रसों का सुंदर चित्रण मिलता है। यथार्थ और आदर्श का संतुलन उनकी कहानियों को विशिष्ट बनाता है।

2: वैचारिक दृष्टि: आस्था के साथ प्रगतिशीलता
डॉ. तारा की आस्तिकता धर्म को स्वीकारती है, पर जब धर्म "मनुष्य-मनुष्य में असमानता पैदा करता है" तो वे उसका निडर विरोध भी करती हैं। उनके निबंध संग्रह `रम्यतटी` और `निबंध सरिता` आधुनिक बोध के विभिन्न आयाम खोलते हैं। 
उनका दार्शनिक चिंतन "वस्तु के अंदर और बाहर को दर्पण की भांति पारदर्शी" कर देता है। हर पुस्तक समाज को "एक नई राह, एक नई रोशनी" दिखाती है।

3:डिजिटल युग में हिंदी की सेतु: http://swargvibha.com

2004 में जब हिंदी इंटरनेट पर नगण्य थी, तब डॉ. तारा ने `swargvibha.com` शुरू की। आज ये विश्वभर के हिंदी साहित्यकारों का सबसे बड़ा मिलन - मंच है। 2018 से `स्वर्गविभा त्रैमासिक पत्रिका` के माध्यम से नवोदित और स्थापित दोनों लेखकों को मंच देना - ये कार्य हिंदी के "सर्वांगीण विकास व प्रचार" में ऐतिहासिक है। विकिपीडिया प्रतियोगिता में प्रथम और  Barnes & Noble द्वारा प्रकाशित 96 पृष्ठीय जीवनी `Dr. Tara Singh Author` उनकी वैश्विक पहचान है।

4: विपुल रचना संसार

कुल लगभग 60 पुस्तकें: 
22 काव्य संग्रह, 12 उपन्यास, 14 कहानी संग्रह, 3 आलेख संग्रह, 8 ग़ज़ल संग्रह, 1 बाल पुस्तक।  
'अंकिता, दूतिका, समर्पिता, आँसू के कण, दूसरी औरत, जिंदगी बेवफा मैं नहीं` जैसी 8 पुस्तकें  Koo-Koo FM पर प्रसारित । उनकी रचनाएँ Amazon, Kindle, Flipkart, Notion Press पर देश-विदेश में उपलब्ध हैं। फिल्म `जय हिन्द सिपाही जी` के लिए लिखा शीर्ष गीत उनकी बहुमुखी प्रतिभा का प्रमाण है।

5: सम्मान: 260+ राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्रीय उपलब्धियाँ*
डॉ. तारा को हिंदी सेवा के लिए 260 से अधिक सम्मान मिले। कुछ प्रमुख:
Woman of the Year 2009 - American Biographical Institute 
Asia Pacific International Award 2012 , Tashkent
World’s Greatest Record Certificate 2022 
Best Outstanding Writer 2020- Kamraj Institute, Tamil Nadu
Global Achievement Award 2021- New Delhi
Lifetime Achievement  Kolkata

"निष्कर्ष:-
डॉ. तारा सिंह समकालीन हिंदी साहित्य की वो धुरी हैं जो परंपरा को आधुनिकता से जोड़ती हैं। घर-गृहस्थी और साहित्य-साधना को साथ निभाते हुए उन्होंने यह सिद्ध किया कि साहित्य केवल लेखन नहीं, एक आंदोलन भी है। `swargvibha` के जरिए उन्होंने हजारों कलमों को आवाज दी। 

वस्तुतः डॉ. तारा सिंह का साहित्य "संघर्षशील भारत की आत्मा" का दस्तावेज है। वे हिंदी जगत के लिए प्रेरणा और गर्व दोनों हैं।।
- सुख मंगल सिंह
 वरिष्ठ साहित्यकार कवि एवं लेखक, वाराणसी वासी, अवध निवासी, अंबेडकर नगर जनपद, उत्तर प्रदेश , भारत मोबाइल नंबर 8931 966034 

Sukhmangal Singh



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