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भारतीय बाजार और विदेश नीति

 

भारतीय बाजार और विदेश नीति


भारत में पाकिस्तान परस्त लोगों के बिजनेस की बातें अक्सर चर्चा में रहती हैं, लेकिन यह एक संवेदनशील और जटिल विषय है। कुछ लोगों का मानना है कि पाकिस्तान से आए लोगों ने भारत में विभिन्न व्यवसाय स्थापित किए हैं और वे अपने देश के हितों के लिए काम कर रहे हैं। हालांकि, यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि अधिकांश पाकिस्तानी मूल के भारतीय नागरिक भारत के प्रति समर्पित हैं और देश के विकास में योगदान दे रहे हैं ।

*पाकिस्तान से आए लोगों की सफलता की कहानियाँ*

कथूरिया परिवार की कहानी एक उदाहरण है, जो पाकिस्तान से भारत आए और ठेले पर सोहन हलवा बेचना शुरू किया। आज, उनका ओम स्वीट्स ब्रांड 600 करोड़ रुपये का बिजनेस है। इसी तरह, श्रवण कुमार ने पाकिस्तान से भारत आकर महेश एग्रो इंडस्ट्री की स्थापना की और अब उनका कारोबार 50 देशों में फैला हुआ है ।

*भारत-पाकिस्तान व्यापार*

भारत और पाकिस्तान के बीच व्यापार सीमित है, लेकिन अभी भी दोनों देशों के बीच कुछ वस्तुओं का आदान-प्रदान होता है। भारत पाकिस्तान से ड्राई फ्रूट्स, फल, चमड़ा, और सीमेंट आयात करता है, जबकि पाकिस्तान भारत से दवाइयाँ, कपास, और रसायन आयात करता है ।

*अनौपचारिक व्यापार*

भारत और पाकिस्तान के बीच लगभग 10 अरब डॉलर का अनौपचारिक व्यापार होता है, जिसमें तीसरे देशों के माध्यम से सामान भेजा जाता है। यह व्यापार दोनों देशों के बीच तनाव के बावजूद जारी है ⁷ ⁸.

*निष्कर्ष*

भारत में पाकिस्तान परस्त लोगों के बिजनेस की बातें अक्सर अतिरंजित होती हैं। अधिकांश पाकिस्तानी मूल के भारतीय नागरिक भारत के प्रति समर्पित हैं और देश के विकास में योगदान दे रहे हैं। भारत और पाकिस्तान के बीच व्यापार सीमित है, लेकिन अनौपचारिक व्यापार अभी भी जारी है।
भारत में मूंगफली, चप्पल और पर्स बेचने वाले अधिकांश लोग भारतीय हैं, न कि पाकिस्तानी। पाकिस्तान से आयात होने वाले सामानों में सेंधा नमक, पेशावरी चप्पल, लाहौरी कुर्ते, ड्राई फ्रूट्स, सौंदर्य प्रसाधन, मुल्तानी मिट्टी और चमड़े के सामान शामिल हैं ।

भारत और पाकिस्तान के बीच व्यापार सीमित है, और 2019 के पुलवामा हमले के बाद भारत ने पाकिस्तान से आयात पर 200% टैरिफ लगा दिया था, जिससे आयात में भारी कमी आई है। भारत पाकिस्तान को जैविक रसायन, औषधीय उत्पाद, खनीज, चीनी और मिठाइयां निर्यात करता है, जबकि पाकिस्तान भारत को नमक, गंधक, चूना, कपड़े और सीमेंट निर्यात करता है ।

यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि अधिकांश पाकिस्तानी मूल के भारतीय नागरिक भारत के प्रति समर्पित हैं और देश के विकास में योगदान दे रहे हैं।

भारत में मीट, मुर्गा, अंडा, मछली, सब्जियां, फल, और सूखे फूड बेचने वाले अधिकांश लोग भारतीय हैं, न कि पाकिस्तानी। पाकिस्तान से आयात होने वाले सामानों में सेंधा नमक, पेशावरी चप्पल, लाहौरी कुर्ते, ड्राई फ्रूट्स, सौंदर्य प्रसाधन, मुल्तानी मिट्टी और चमड़े के सामान शामिल हैं ।

भारत और पाकिस्तान के बीच व्यापार सीमित है, और 2019 के पुलवामा हमले के बाद भारत ने पाकिस्तान से आयात पर 200% टैरिफ लगा दिया था, जिससे आयात में भारी कमी आई है। भारत पाकिस्तान को जैविक रसायन, औषधीय उत्पाद, खनीज, चीनी और मिठाइयां निर्यात करता है, जबकि पाकिस्तान भारत से दवाइयां, कपास, और रसायन आयात करता है ।

यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि अधिकांश पाकिस्तानी मूल के भारतीय नागरिक भारत के प्रति समर्पित हैं और देश के विकास में योगदान दे रहे हैं।

यह एक आम धारणा है, लेकिन यह पूरी तरह से सच नहीं है। भारत में बाजारों में विभिन्न समुदायों के लोग व्यापार करते हैं, और यह कहना कि सभी बाजारों पर पाकिस्तान परस्त लोगों का कब्जा है, एक अतिरंजित बयान है।

भारत में व्यापार और वाणिज्य में विभिन्न जातियों, धर्मों और समुदायों के लोग शामिल हैं। कई पाकिस्तानी मूल के लोग भारत में व्यापार करते हैं, लेकिन यह कहना कि वे सभी बाजारों पर कब्जा कर चुके हैं, सही नहीं है।

भारत सरकार ने व्यापार और वाणिज्य को बढ़ावा देने के लिए कई नीतियां बनाई हैं, और विभिन्न समुदायों के लोगों को व्यापार में भाग लेने के अवसर प्रदान किए हैं। इसलिए, यह कहना कि बाजारों पर किसी एक समुदाय का कब्जा है, एक गलत धारणा है।

यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि भारत एक विविधता वाला देश है, और यहां विभिन्न समुदायों के लोग साथ-साथ रहते हैं और व्यापार करते हैं। हमें इस विविधता का सम्मान करना चाहिए और किसी भी समुदाय के प्रति नकारात्मक धारणा नहीं रखनी चाहिए।
- सुख मंगल सिंह
 वरिष्ठ साहित्यकार कवि एवं लेखक 
वाराणसी वासी 
अवध सिंह 


Sukhmangal Singh

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