यूरोप और भारत, दो संस्कृतियों का मिलन,
मित्रता की डोर, जुड़ी है दोनों के मन।
यूरोप की प्रगति, भारत की संस्कृति,
मिलकर बनाते हैं, एक सुंदर चित्र।
भारत की विविधता, यूरोप की एकता,
मिलकर बनाते हैं, एक मजबूत दोस्ती।
यूरोप के विचार, भारत की सोच,
मिलकर बनाते हैं, एक सुंदर भविष्य।
यूरोप और भारत, दो मित्रों की कहानी,
मित्रता की डोर, जुड़ी है दोनों के मन।
एक दूसरे के साथ, मिलकर चलते हैं,
एक सुंदर भविष्य, की ओर बढ़ते हैं।
यूरोप और भारत, दो संस्कृतियों का मिलन,
मित्रता की डोर, जुड़ी है दोनों के मन।
एक दूसरे के लिए, हम हैं तैयार,
मिलकर बनाते हैं, एक सुंदर दुनिया।
- डॉ सुखमंगल सिंह,
वरिष्ठ साहित्यकार कवि एवं लेखक
वाराणसी वासी, अवध निवासी अंबेडकर नगर उत्तर प्रदेश
Sukhmangal Singh
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