अनजिये सपनों की
पहचान है, तेरी गली
आंसू नहीं, गम नहीं
मुस्कान है, तेरी गली
जज्बात के सितारों से सजी
आसमान है, तेरी गली
खोकर हम दोनों को
परेशान है, तेरी गली
आज भी बुलाती है
नादान है, तेरी गली
अहसास की तपिश लिये
अरमां है , तेरी गली
आज मैं नहीं,तुम नहीं
सुनसान है , तेरी गली
दफ़न है रिश्तों का वजूद
कब्रिस्तान है , तेरी गली
शिव कुमार यादव
Powered by Froala Editor

LEAVE A REPLY