धन की देवि !
महालक्ष्मी का पर्व
दीपों का साथ
इस बार शौर्य का हाथ
सीमाओं पर सजगता
और निरन्तर
सुरक्षा का आभास
पाक की नापाकियत
से हरपल सावधान करता
देश सबसे पहले
का सन्देश देता
आगया
नन्हा सा दीप
बने सभी के पथ का प्रदीप
हर तरह के तमस को हरने को
जल उठें सुदीप
दिल का दिल से
हो सच्चा नाता
हर सांस से निकले
जय भारत माता
जय भारत शत्रु त्राता
इसी भाव से
दिल के हर भाग से
आप सभी को
अनन्त शुभकामनायें
कोटिशः मंगल कामनायें !!
शशांक मिश्र ’भारती’
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