आपको शुभकामनाएं मिलें होली में,
आपको मंगल कामनाएं मिले होली में।
भाव-गीत-गजलों का आनन्द लें,
बिछुड़े मित्र आकर के मिलें होली में।
हम सब पहचाने पर्व का महत्व,
सीखें-सिखायें भाईचारा होली में।
चाहें हो ऊँचा हो चाहें कोई नीचा,
हृदय से सबको लगायें होली में।
समय परस्त फेर लेते हैं जो आंखें,
समझ उनको जाकर दिलायें होली में।
झाुग्गियों से महलों तक कटुता मिटायें,
प्रेम का रंग ऐसा चढ़े सब पर होली में।
घृणा-ईष्र्या,द्वेष, अत्याचारों से त्रस्त कलियां,
सुगन्ध खिलकर बिखरायें होली में।
कौओं सी न कांव-कांव न असत की टें-टें,
स्वर माखन मिश्री का बहाये होली मे।।
शशांक मिश्र ’भारती’
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