'स्वर्गविभा' के डॉ. तारा सिंह विशेषांक (भाग-2) का गरिमामय लोकार्पण
Satyendra Kumar Pathak
मुंबई, महाराष्ट्र । साहित्य और संस्कृति को समर्पित मुंबई की प्रतिष्ठित साहित्यिक संस्था 'स्वर्गविभा' द्वारा अपनी त्रैमासिक हिंदी पत्रिका के अप्रैल से जून 2026 अंक 'डॉ. तारा सिंह विशेषांक (भाग-2)' का भव्य लोकार्पण किया गया। लोकार्पण के अवसर पर आचार्यकुल के राष्ट्रीय प्रवक्ता एवं जीवनधारा नमामि गंगे के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष वरिष्ठ साहित्यकार एवं इतिहासकार सत्येंद्र कुमार पाठक ने विशेषांक के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा:।"स्वर्गविभा का यह अंक केवल एक पत्रिका नहीं, बल्कि डॉ. तारा सिंह जी की हिंदी साहित्य के प्रति असीम निष्ठा, सेवा और समर्पण का एक वास्तविक दस्तावेज़ है। इस भाग में देश के 16 विभिन्न प्रतिष्ठित लेखकों एवं लेखिकाओं के विचार शामिल हैं, साथ ही डॉ. तारा सिंह की भूली-बिसरी साहित्यिक स्मृतियों को भी बेहद संजीदगी से सहेजा गया है।" कार्यक्रम के दौरान संस्था के संरक्षक एवं संपादकीय मंडल के योगदान को विशेष रूप से रेखांकित किया गया। वक्ताओं ने कहा कि:डॉ. बी. पी. सिंह (संरक्षक सह अध्यक्ष): आपके कुशल मार्गदर्शन और दूरदर्शी नेतृत्व में स्वर्गविभा लगातार नए कीर्तिमान स्थापित कर रही है। इंजीनियर राजीव सिंह (प्रधान संपादक): आपके उत्कृष्ट संपादन और पैनी साहित्यिक दृष्टि के कारण ही यह विशेषांक इतने उच्च स्तर पर पाठकों के सामने आ सका है।।सत्येंद्र कुमार पाठक ने अंत में स्वर्गविभा परिवार के सभी हिंदी प्रेमियों और सहयोगियों की कार्यकुशलता एवं हिंदी भाषा के प्रसार में उनके निरंतर प्रयासों की भूरी-भूरी प्रशंसा की। यह विशेषांक हिंदी साहित्य जगत में डॉ. तारा सिंह के योगदान को रेखांकित करने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम माना जा रहा है।
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