आदर्श
जैसे अब कम दिखाई देती
बुरे व्यवसनो की बेड़ियों ने
शायद जकड़ रखा हो।
युवा समाज का उत्थान करना चाहे
तो क्या और कैसे करें
कोई नही बताता।
युवा को तलाश है जागरूकता के
तरकश की
जिसमे पड़े तीर को भी इंतजार है
व्यवसन रूपी राक्षस को मारने का
कोई तो आएगा
युवाओं को आदर्श का पाठ पढ़ाने
जो व्यवसन मुक्त कर
समाज के युवाओं का
उत्थान कर सकें।
संजय वर्मा"दृष्टि"
125,बलिदानी भगत सिंह मार्ग
मनावर जिला धार मप्र
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