थाम अंगुली जो चलाये
वो पिता होते है
व्यस्तताओं में आगे बढ़ने का हुनर सिखाये
वो पिता होते है
बाजार से लोटते समय बच्चों के लिए कुछ लाये
वो पिता होते है
बच्चो की फिक्र चिंता करे
वो पिता होते है
अच्छे संस्कार भरे
वो पिता होते है
संजय वर्मा"दृष्टि "
Powered by Froala Editor

LEAVE A REPLY