संदेशा
दिल सिकुड़ता
मन में एक टीस
आँखों में आँसू
जो टपकने की रफ़्तार
पकड़ने की होड़ में
जब दिखे चेहरा या
आये संदेशा
बिटियाँ का
जब वो बसी हो विदेश
घर का कोई भी सदस्य हो बीमार
या हो कोई परेशानी
चेहरे पर नकली मुस्कान
झूठी हंसी
अभिनय करवाता चेहरा
सब ठीक है
जिंदगी भर सदा सच बोला
अब दूरियां भी अपनों से झूठ बुलवाती है
फिक्र की तड़फन दोगुनी न होवे
आंसुओं की झड़ी न लगे बिन भादव के
अपनत्व की यादें
दूरियों से बढ़ कर बहुत याद दिलवाती
गीत के भाव -"पापा जल्दी आ जाना सात समुन्दर ...
दूरियों को यादों में भिंगोता
जब -जब बिटियाँ का
संदेशा आता।
संजय वर्मा "दृष्टि "
125,बलिदानी भगतसिंह मार्ग
मनावर जिला धार मप्र
Powered by Froala Editor

LEAVE A REPLY