महाकाल की नगरी उज्जैन देश की पहली सर्पमित्र नगरी बनाने की तैयारी चल रही है | इससे सांपों के संरक्षण हो सकेगा।जैव विविधता, वन्य जीव व सरीसृप के संरक्षण के लिए महत्वपूर्ण कार्य हो रहा हैं।उल्लेखनीय है कि उज्जैन में सरीसृप संरक्षण संस्थान की स्थापना पूर्व में की गई थी| लोगों को सर्पदंश से बचाने एवं साँपों के संरक्षित करने के लिए वहां पर युवाओं की सोसायटी कार्य कर रही है।सरकार द्वारा वर्तमान में होमगार्ड के जवानों को भी सांप पकड़ने और सुरक्षित रेस्क्यू करने का विशेष प्रशिक्षण दिया जाना चाहिए कि पहल की है।रिहायशी क्षेत्रों में सांप निकलने की घटनाओं को देखते हुए प्रशिक्षित होमगार्ड जवान द्वारा नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करते हुए वे सर्पों का सुरक्षित रेस्क्यू कर सकेंगे।रेप्टाइल पार्क विकसित होने से सर्पों के प्राकृतिक व्यवहार और उनके संरक्षण से जुड़ी जानकारी लोगों को मिल सकेगी।रेप्टाइल पार्क का उद्देश्य केवल सर्पों का प्रदर्शन करना नहीं, बल्कि लोगों में सांपों और अन्य सरीसृपों के प्रति सकारात्मक सोच विकसित करना भी है।अधिकांश सांप पर्यावरण के लिए उपयोगी होते हैं और जैव विविधता के संरक्षण में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते है। रेप्टाइल पार्क के माध्यम से लोगों में वन्यजीव संरक्षण के प्रति जागरूकता अवश्य बढ़ेगी, वहीं बच्चों विद्यार्थियों और शोधार्थियों को सरीसृपों के वैज्ञानिक अध्ययन का अवसर भी मिलेगा।कई लोग सर्पदंश के बाद पीड़ित को अस्पताल न ले जाकर झाड़फूंक कराते है जो मौत का प्रमुख कारण होता है।सर्प कृषि मित्र भी है,वह फसलों को हानि पहुंचाने वाले जीवों से फसलों की रक्षा करते है।सर्प के हित में किए जाने वाले कार्य जीवों के प्रति दया का भाव तो जाग्रत करते ही है साथ ही रेप्टाइल पार्क संरक्षण की दिशा में जागरूकता मार्ग दिखायेगा |
संजय वर्मा 'दृष्टि '
125 ,बलिदानी भगत सिंह मार्ग
मनावर जिला धार (मप्र )

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