मप्र का सौंदर्य निखरता जा रहा है
1 नवंबर मप्र स्थापना दिवस के अवसर पर पर्यटन स्थलों ,घाट को स्वच्छ रखने का संकल्प लेवे | पर्यटन स्थल चिन्हित करने का अधिकार राज्यों को है | केंद्र सरकार उनके विकास में वित्तीय और अन्य सहयोग देती है |पर्यटन स्थल की बात करें तो मुख्य पर्यटन स्थलों का विकास और पर्यटन से जुड़े व्यवसाय और व्यापार को आसान बनाया जाए ताकि पर्यटन ,दर्शनीय स्थलों पर जाकर पर्यटक सुकून महसूस कर सकें | क्योकि वर्तमान में धार्मिक एवं पर्यटन स्थलों पर भीड़ -भाड़,लड़ाई झगड़े ,दादागिरी कुछ ज्यादा दिखाई देने लगी है | खैर ,पीएमश्री पर्यटन वायु सेवा के संचालन होने से मध्यप्रदेश में पर्यटन नयी ऊंचाइयों कोछू रहा है।प्रदेश में इमरजेंसी स्वास्थ्य सेवा,आध्यत्मिक और सांस्कृतिक विकास के हित मे वायु सेवा की सुविधा पर्यटको को नयी पहचान दे रही है ।वर्तमान में धार्मिक एवं पर्यटन स्थलों पर और बेहतर सुविधाओं की आवश्यकता है।घोषणाओं के अनुसार कई धार्मिक स्थलों पर महालोक बनाए जाने की पहल है | उधर फिल्म निर्माताओं को भी म.प्र.के पर्यटन स्थलों की सोंदर्य व ऐतिहासिक धरोहरे काफी भा रही है|विशेष कर मांडू ,महेश्वर में कई फिल्मों की शूटिंग हो चुकी है ,इंदौर, उज्जैन ,भोपाल, जबलपुर ,ग्वालियर पंचमढ़ी आदि मप्र के कई क्षेत्रों में बहुत ही शानदार दर्शनीय स्थल है जिनके आकर्षण से इन स्थानों पर फिल्म निर्माताओं द्धारा फिल्मो की शूटिंग भी की जा कर बड़े परदे पर देखी जा रही है|फिल्म निर्माताओ को लोकेशन हेतु विदेश जाकर दृश्य फिल्माने पर काफी लागत आती थी|मप्र में ही कई सुंदर स्थल उपलब्ध होने से फिल्म लागत निर्माण में फायदा हुआ है मप्र में और भी रमणीय स्थलों को चिन्हित करके पर्यटन का क्षेत्र विकसित करने के लिए शासन का ध्यान आकर्षित किया जाकर क्षेत्र की सौन्दर्य और पहचान स्थापित करने में सहयोग करना चाहिए|
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