माँ (गीत )
मैने देखी नहीं ,माँ की सूरत
कहाँ से पाउँगा ,माँ का प्यार
माँ करती है ,प्यार- दुलार
ये बतियाते है मुझसे -यार
मै अनाथ ये क्या जानूँ
क्या होता है माँ का प्यार
बिन माँ के लगते सूने त्यौहार
मैने देखी नहीं ,माँ की सूरत
कहाँ से पाउँगा ,माँ का प्यार
माँ का आँचल
आँखों का काजल
मीठे से सपने
जैसे खो गए हो अपने
बिन माँ के लगता है कोरा संसार
मैने देखी नहीं ,माँ की सूरत
कहाँ से पाउँगा ,माँ का प्यार
ऊपर वाले
ओ रखवाले
अंधेरों में भी
देता उजियाले
मेरी विनती सुन ,दे माँ का प्यार
बिन माँ के कहाँ से पाउँगा माँ का प्यार
मैने देखी नहीं ,माँ की सूरत
कहाँ से पाउँगा ,माँ का प्यार
संजय वर्मा "दृष्टि "
125 ,शहीद भगत सिंग मार्ग
मनावर जिला -धार (म प्र )
454446
Powered by Froala Editor

LEAVE A REPLY