जल देवता
इंसानों मुझमें कचरा
मत डालो
मेरे प्रदूषित होने पर
बीमारियां आ टपकेगी
इंसानों
यदि पूर्ण उम्र जीवित रहना है तो
मुझे दूषित मत करो
नियमो को अनदेखा मत करो
पृथ्वी के देवता हम भी है
जिसे पूजते
जिसका आचमन करते
जिनके आगे शीश नवाते
आहार हमारे ऊपर ही तो
निर्भर है।
जल को स्वच्छ बनाने के लिए
बहकर -कहकर जाती नदियाँ
लोगो से
बस तुम ही तो हो
मुझे स्वच्छ बनाने वाले और
तुम्हारे सहारे ही
मै रहूंगी भी कुछ समय जीवित।
तब तक
जब तक तुम
मुझे रखोगे स्वच्छ जल से।
संजय वर्मा "दृष्टि "
मनावर (धार )मप्र
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