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Dr. Srimati Tara Singh
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गौमाता को राष्ट्रमाता के दर्जा की गुहार

 
गौमाता को राष्ट्रमाता के  दर्जा की गुहार
गौमाता को राष्ट्रमाता का दर्जा मिलना चाहिए|गौमाता को राष्ट्र माता का दर्जा दिए बिना हम अपनी आत्मा की रक्षा नहीं कर सकते|संस्कृति,कृषि,पर्यावरण और ग्रामीण अर्थव्यवस्था गौमाता पर आधारित है|भारतीय संस्कृति में गौ सेवा का प्रमुख स्थान है|गाय हमें सात्विक श्रद्धा प्रदान करती है|गौ हत्या हो रही है उस पर रोक लगनी चाहिए |गाय का गोबर,गौ मूत्र ,दूध एक धन संपदा के रूप में हमें उपहार देती आई है|जिससे हमारे धार्मिक कार्य पूर्ण होते आये है। गोवंश की रक्षा हेतु सभी को जागृत रहना होगा।गौवंश की महिमा के बारे में ग्रंथों में उल्लेख है।गौ माता का (गोधूलि वेला )जंगल से घर वापस लौटने का संध्या का समय अत्यंत शुभ एवं पवित्र है।गाय का मूत्र गौ औषधि है।माँ शब्द की उत्पत्ति गोमुख से हुई है।मानव समाज में भी माँ शब्द कहना गाय से सीखा है ।जब गौ वत्स रंभाता है तो" माँ" शब्द गुंजायमान होता है ।गौ -शाला में बैठकर किये गए यज्ञ हवन ,जप-तप का फल कई गुना मिलता है।माननीय डॉ मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव जी ने प्रदेश की जनता से अपील की अगर आपके पास के हित पर्याप्त जगह है तो गाय अवश्य पाले।
संजय वर्मा "दृष्टि "
125 बलिदानी भगत सिंह मार्ग 
मनावर  जिला -धार (म प्र )

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