Swargvibha
Dr. Srimati Tara Singh
Administrator

गर्मी के दिनों में जल सेवा कार्य में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करें

 

गर्मी के दिनों में जल सेवा कार्य में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करें

जलगंगा संवर्धन अभियान  19  मार्च से प्रारंभ  हो रहा है | प्रदेश में  जल एवं  जल स्त्रोतों  के संरक्षण  की दिशा में संरक्षित जल, सुरक्षित कल की  महत्वपूर्ण पहल  प्रशंसनीय  है | देखा जाए तो कई क्षेत्रों में पानी की कमी दिखाई देती है जैसे बेंगलुरु में जलस्तर घट गया है।सुझाव है कि जल व्यर्थ ना बहावे।बल्कि जल को बचाया जा सके ऐसा उपाय करें ।जल की कमी से सारे कार्य रुक जाते है।देश भर में राष्ट्रीय जल पुरस्कार 2022 मध्य प्रदेश को प्रथम स्थान मिला था।जल संसाधनों के संरक्षण एवं संवर्धन के प्रयास, पानी की नीति, सिंचाई के लिए माइक्रो इरीगेशन तकनीकी का प्रयोग,नई माइक्रो इरीगेशन परियोजनाओं का क्रियान्वयन, जल उपयोग की दक्षता,जल-संरचनाओं का पुनरुद्धार, सीवेज एवं औद्योगिक अपशिष्ट पानी को उपचारित कर पुनः उपयोग आदि क्षेत्रों में किए प्रयासों व उपलब्धियों के लिए मिला था।नदियो व अन्य जल संरचना यथा तालाब, झील, कुआ, बावड़ी आदि हमारी संस्कृति व परंपरा मे पूजा के स्थल रहे है, इनकी अनुपलब्धता या दूषित होने पर हेंड पम्प व नलकूप की पूजा करके भी परंपरा का निर्वाह किया जाता रहा है लेकिन प्राकृतिक जल संसाधनों के रख-रखाव के प्रति समुचित जिम्मेदारी का अभाव सा ही रहा है।जल संरक्षण के जरिये हम पूरी तरह स्थानीय स्तर पर आत्मनिर्भर बन सकते है। उल्लेखनीय है कि माननीय मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव जी  ने इस संबंध में जनप्रतिनिधियों से भी अपील की है।उन्होंने कहा कि जन सामान्य के लिए ग्रीष्म ऋतु में प्याऊ लगवाने की परंपरा प्राचीन काल से रही है। जल संरक्षण के साथ-साथ जल की सहज उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए यह व्यवस्था आवश्यक है। माननीय मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव जी  ने मीडिया को दिए संदेश के माध्यम से प्रदेशवासियों से "जल गंगा अभियान" के अंतर्गत बूंद- बूंद जल बचाने के लिए संचालित होने वाली गतिविधियों में सहभागिता करने का भी आह्वान किया।जो की प्रशंसनीय पहल है| 

संजय वर्मा 'दृष्टि '

बलिदानी भगतसिंह मार्ग 

मनावर जिला धार मप्र 



Powered by Froala Editor

LEAVE A REPLY
हर उत्सव के अवसर पर उपयुक्त रचनाएँ