दोस्ती का मतलब जिसने समझा सही
उसे दुनिया से कोई शिकवा नहीं
दोस्ती से बढ़कर दुनिया में कोई नहीं
वो क्या जानेंगे ,जिसने दोस्ती की ही नहीं
आँखों ने की पलकों से दोस्ती
शब्दों ने की होठों से
साँसों ने की जब हवाओं से दोस्ती
जीने का मजा आने लगा
दोस्ती का मतलब ……
पाँवों ने की जमी से दोस्ती
घुंघरुओं ने की पाँवो से
संगीत ने की जब कानों से दोस्ती
सुनने का मजा आने लगा
दोस्ती का मतलब …………
आँखों ने की आइने से दोस्ती
श्रृंगार ने की चेहरे से
मन जब तन से दोस्ती
सजने का मजा आने लगा
दोस्ती का मतलब ……………
संजय वर्मा "दृष्टी "
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