Swargvibha
Dr. Srimati Tara Singh
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दो जून

 
दो जून
जाने क्यों बढ़ जाता 
रोटी का महत्व
जब कटोरदान से 
झांक रही होती
रखी हुई रोटी 
भूखे खाली पेट में 
समाहित होने की 
त्वरित अभिलाषा 
ताकि प्रसाद के रूप में 
रोटी से तृप्त हो 
    रोटी कैसी भी हो 
धर्मनिर्पेक्षता का 
प्रतिनिधित्व करती 
भाग -दौड़ भी 
    दो जून की रोटी की
    भूख मिटाने के लिए
    करनी पड़ती सबको।

संजय वर्मा "दृष्टि "

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