सड़कों पर पड़े गड्डों को
देखकर लगता
मानों धरा की त्वचा पर
रिस रहा हो घावों से खून
गड्डों में
गिर जाते है कई इंसान
फिर सन जाती सड़कें खून से
और बन जाती ख़बरें
हमेशा की तरह सुर्ख़ियों में
सड़क अपने घाव ठीक करने का
किस्से कहे ?
वो इसलिए इंसानों को
गिराती है गड्डों में
ताकि इंसान अपने घाव को
ठीक करने के साथ
दिल से निकली बददुवाएं
जो होती नहीं सड़कों के लिए
होती है जिनका
नाम होता है अनाम
जो बेसुध पड़ा है
कानों में रुई ठोंसें
ताकि गिरते पड़ते लोगों की
चीखें उन्हें
सुनाई न दे
संजय वर्मा "दृष्टि "
Powered by Froala Editor

LEAVE A REPLY