तुम्हेँ दिल्ली बना देगी हमेँ गोवा बना देगी
सियासत एक दिन सबको कोई कस्बा बना देगी
तुम्हेँ जब देखता हूँ मै जमाना भूल जाता हूँ
तुम्हारी ये हँसी मुझको कभी राँझा बना देगी
मै अपना हर इरादा आसमाँ से ऊँचा रखता हूँ
मुझे मालूम है किस्मत मुझे राजा बना देगी
बुजुर्गोँ की दुआ 'जख्मी'कभी जाया नहीँ जाती
बुजुर्गोँ की दुआ तुमको खरा सोना बना देगी
-सागर यादव 'जख्मी'
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