मैं हूँ किसान
S K Soyeb
मैं हूँ किसान, मेरी भी इच्छा है
अपने बच्चों को पढ़ाओ,
अच्छे विद्यालयों में मेरी भी इच्छा है।
उचित मूल्य मिले मेरी भी फ़सलों का,
यहाँ मेरी तमन्ना है।
जब पड़े अकाल, तो
समझें लोग दुःख हमारा,
यही मेरी मनोकामना है।
भारी कर्ज़ न लौटा पाने के डर में,
न करनी पड़े हमें आत्महत्या,
यही मेरी इच्छा है।
मैं हूँ किसान, मेरी भी कुछ इच्छा है।
*सम्मान वापसी*
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