Swargvibha
Dr. Srimati Tara Singh
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सबसे प्यारी बेटी हमारी

 

कविता:-सबसे प्यारी बेटी हमारी 

S k soyeb

बेटी पलती कितने लाड़-प्यारों में है,

झूमते हैं घरवाले उसकी खुशियों में।

सबको प्यारी बेटी दुलारी,

सबको मोह के रखती प्यारी।

लेकिन एक फ़िक्र हमेशा रहता,

मन में फ़िक्र सदैव पलता।

फ़िक्र ने चिंता के बीज जन्मे,

चिंता से पाबंदीयो का घर बना।

घर में फिर कुछ उसूल बने,

उसूलों ने फिर बेड़ियों का काम किया।

इन सबके बाद भी,

कहते फिरते रहे हम सब,

जगत में...

सबसे प्यारी बेटी हमारी।

 


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