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Dr. Srimati Tara Singh
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पैसे के लोभी

 

कविता:-पैसे के लोभी

S k soyeb

पैसे को जो बड़ा बताए

पैसे के पीछे जो दिन-रात बिताए

कमाएँ वे पैसे जैसे भी

सही-गलत से परवाह नहीं

मन के लोभी वे कहलाते हैं

संसार में उन्हें लुटेरा कहके बुलाते हैं

जान है पैसा, मान है पैसा

पैसे में जो सब कुछ भूले

इस तरह के व्यक्तियों को संसार

अगर पागल बोले तो बुरा नहीं

पैसे की वजह से वे जग को भूले

जग के सारे नियम तोड़े

भूल गए वे सत्य-मिथ्या

मरेंगे वे बिन पैसे के, ये बात

कतई जग न भूले

 




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