हंसते को रूलाते हैं सब ही
रोते को हंसाओ तो जाने
ठुकराते ,अपनो को सब ही
सीने से लगाओ तो जाने
चलते को गिराते हें सब ही
गिरते को उठाओ तो जाने
फूलों को चुनते शाखों से
कॉंटों को उठाओ तो जाने
प्यार मिटाते दुनिया से
नफरत को मिटाओ तो जाने
रूपा
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