दर दर बिखरा दर्द
कैसे इन्सा हुआ इतना बेदर्द
हाथ उठा कैसे..? फूलो पर
वो तो खुशबू बिखरते चारों ओर
इतना पत्थर दिल कैसे हो सकता
जो तथाकथित खुदा का फरिशता है
हाथ उठा कैसे मासूमो पर
कोई गुनाह नही किया था
क्या खता उनकी थी
खिलने से पहले ही गुलशन
उजाड दिया दहशतगर्दो ने
पेशावर हादसे पर निकला कुछ दर्द
रूपा शर्मा
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