इन्सान वो नहीं जिसे हालात बदल दे,
इन्सान तो वो है जो हालातो को बदल दे
हालातो से हालतों की ऐसी कड़ी जोड़ दे की
हालातो को भी डर लगे हालत बनाने की
ऐसे बने जीवन में हमेशा आगे बढ़कर की,
हालात हमें नहीं हम हालातो को डराए !
रोहिणी विश्वनाथ तिवारी
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