मेरी परिभाषा
सदैव जानना चाहते हो
पूछते नहीं
तुम्हारे जिज्ञासु नयनो में
तैरता
एक प्रश्न
तुम कौन हो ?
तो सुनो
मै सिर्फ रेखा हूँ
बिंदु की तरह aakarheen
चित्रकार का चित्र नहीं
कवि की कल्पना नहीं
न किसी की रागिनी
पर, इसका होता
कुछ अस्तित्व
आलेख से ज्यादा होता महत्व
क्योकि सर्वोत्क्रिस्ट कला में भी
झलकती कमी
मै तो रेखा हूँ
मुझमे क्या कमी ??
Powered by Froala Editor

LEAVE A REPLY